Himachal Pradesh : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य चयन आयोग द्वारा टीजीटी की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है,जिसमें आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है । लेकिन भ्रष्टाचार के अड्डे अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड को भंग किए जाने के कारण भर्ती नहीं हुई थी। इसके चलते अब जो अभ्यर्थी 47 वर्ष की आयु के हो चुके हैं । उन्हें भी भर्ती में शामिल होने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके साथ ही जेबीटी के एक हजार पद भरने जा रही हैं ।

Himachal Pradesh सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू बोले- टीजीटी भर्ती में मिलेगी छूट
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य चयन बोर्ड की तरफ से निकाली गई टीजीटी की भर्ती में अभ्यर्थियों को उम्र में दो साल की छूट दी जाएगी। हाल ही में बोर्ड ने टीजीटी आर्ट्स,मेडिकल और नॉन मेडिकल के 937 पदों के लिए भर्ती निकाली है। इसमें आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है, लेकिन भ्रष्टाचार के अड्डे अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड को भंग किए जाने के कारण 2 वर्ष तक भर्ती नहीं हुई थी। इसके चलते अब जो अभ्यर्थी 47 वर्ष की आयु के हो चुके हैं उन्हें भी भर्ती में शामिल करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि 47 वर्ष वाले अभ्यर्थी का फॉर्म स्वीकार किया जा सके। उन्होंने कहा कि जेबीटी के 1,000 और टी.जी.टी. के 267 पद सरकार भरने जा रही है।
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ओपीएस कर्मचारियों का हक है, इसे बंद नहीं किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ओपीएस लागू करने के कारण केंद्र सरकार ने पहले साल 1600 करोड़ रुपये का कट लगा दिया और दूसरे साल 1600 करोड़ का कट लगाया। केंद्र ने कहा है कि यदि आप 1600 करोड़ रुपये चाहते हैं तो क्या आप यूपीएस की तरफ बढ़ना चाहेंगे। इस विषय पर अभी विचार-विमर्श करना है, लेकिन अभी हम ओपीएस से वापस नहीं जा रहे हैं। यदि हमने राजनीतिक फायदे के लिए ओपीएस देनी होती तो हम इसे सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में मंजूरी नहीं देते। ओपीएस कर्मचारियों का हक है उसे बंद नहीं किया जाएगा। शीघ्र ही कर्मचारियों को डीए भी दे दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र ने चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का आयोजन करने वाली राशि को बंद कर दिया था जिसे हमने इस कार्यक्रम का फिर से आयोजन करने के लिए बजट का प्रावधान किया है।
