Himachal Pradesh : हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का कहर देखने को मिला है । अब दोबारा प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है । कुल्लू जिले में चार जगह सैंज के जीवानाला, गड़सा के शिलागढ़, मनाली के स्नो गैलरी और बंजार के होरनगाड़ और धर्मशाला के खनियारा की मनूणी खड्ड में बादल फटने से आई बाढ़ ने भारी तबाही मची ।

Himachal Pradesh कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में जनजीवन अस्त व्यस्त
हिमाचल प्रदेश में 24 जून को पूरे राज्य में मॉनसून की एंट्री हो गई । हालांकि, इसके एक दिन बाद ही 25 जून को हिमाचल प्रदेश के दो जिलों में मॉनसून का तांडव देखने को मिला । कुल्लू जिले में चार जगह सैंज के जीवानाला, गड़सा के शिलागढ़, मनाली के स्नो गैलरी और बंजार के होरनगाड़ और धर्मशाला के खनियारा की मनूणी खड्ड में बादल फटने से आई बाढ़ ने भारी तबाही मची। कुल्लू में आठ गाड़ियां, 10 पुलिया और एक बिजली प्रोजेक्ट बह गया । कुल्लू और कांगड़ा जिले में खासा नुकसान हुआ है ।

24 घंटे की बारिश में 2 लोगों की मौत और 9 लोग लापता हैं । अहम बात है कि हिमाचल प्रदेश में 28 और 29 जून को फिर से ऐसी ही बारिश के आसार हैं और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है । धर्मशाला के खनियारा में मगूणी खड्ड में हाईड्रो प्रोजेक्ट के 15- 20 मजदूर बहने की सूचना थी, लेकिन अब प्रशासन ने कहा कि कुल 8 लोग ही बहे थे । डीसी कांगड़ा ने कहा कि अब तक 2 शव बरामद कर लिए गए हैं । गौरतलब है कि अभी तो प्रदेश में मॉनसून की एंट्री ही हुई है और बारिश से खासा नुकसान हुआ है । एसडीआरएफ की टीमें मौके पर हैं और रेस्क्यू ऑपेरशन जारी है। सैंज घाटी के शैंशर, शांघड़ और सुचैहन पंचायत क्षेत्रों में 150 से अधिक पर्यटक वाहनों के साथ 2,000 से अधिक पर्यटक फंस गए हैं। सिउंड के पास मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें क्षेत्र से बाहर निकलने का रास्ता नहीं है। लाहौल में भी 25 पर्यटक फंसे हैं। प्रदेश में भारी बारिश से कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में जनजीवन अस्त व्यस्त है। प्रदेश में औट-बजार-सैंज एनएच-305 समेत 171 सड़कें और 550 बिजली ट्रांसफार्मर ठप चल रहे हैं। बुधवार को गगल हवाई अड्डा पर चार विमान उतरे, लेकिन दिल्ली और शिमला के लिए दो उड़ानें रद्द कर दी गई । शिमला और कुल्लू से कोई उड़ान नहीं हुई।
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