Himachal Pradesh : हिमाचल प्रदेश में शून्य संख्या वाले 103 स्कूल बंद होंगे । 443 स्कूल मर्ज होंगे और 75 का दर्जा घटेगा। मुख्यमंत्री ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। कम छात्रों वाले स्कूलों को आस-पास के स्कूलों में मिलाया जाएगा। स्कूल बंद व मर्ज होने से 1120 शिक्षक सरप्लस होंगे।

Himachal Pradesh शून्य संख्या वाले स्कूल होंगे बंद, मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी
हिमाचल प्रदेश में विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 103 स्कूल बंद होंगे। दस बच्चों की संख्या वाले 443 स्कूल मर्ज किए जाएंगे और 75 स्कूलों का दर्जा घटाया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने इस पर निर्देश दे दिए हैं। इसके साथ 443 स्कूलों को मर्ज और 75 स्कूलों का दर्जा घटाए जाने को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। मर्ज होने वाले स्कूलों के विद्यार्थियों का चार से पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले अधिक दाखिलों वाले स्कूलों में समायोजन किया जाएगा। अब स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से इसकी अधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा। स्कूल बंद व मर्ज होने से 1120 शिक्षक सरप्लस होंगे। जिन्हें सरप्लस पूल में रखा जाएगा। उसके बाद ऐसे स्कूल जहां पर पद खाली है वहां इनकी तैनाती की जाएगी। बंद होने वाले स्कूलों में 72 प्राइमरी, 28 मिडल व तीन हाई स्कूल हैं। बता दें कि ढ़ाई साल में 1200 स्कूल बंद हो चुके हैं व मर्ज किए गए हैं। इससे शिक्षा के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में मदद मिली है,जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार देखने में आया है। सरकार इस पर फोकस कर रही है। खुद मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सरकारी स्कूलों में जाकर शिक्षा की गुणवत्ता को परख रहे हैं। पिछले दिनों सीएम ने अध्यापकों को कहा है कि बच्चों को जनरल नॉलेज की शिक्षा देना भी अनिवार्य है ।
सौ विद्यार्थियों की संख्या वाले कॉलेजों को किया जाएगा मर्ज
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 100 विद्यार्थियों की संख्या वाले कॉलेजों को भी मर्ज किया जाएगा। जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित कॉलेजों के लिए विद्यार्थियों की संख्या 75 रखी गई है। कई कॉलेजों में बीते कुछ वर्षों से नामांकन बहुत कम हो रहे हैं। ऐसे कॉलेजों को आगे चलाना अब आसान नहीं है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय से कॉलेज मर्ज करने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है ।
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वापस स्कूलों में लौटेंगे बाहरी राज्यों और अन्य विभागों में सेवाएं दे रहे शिक्षक
शिक्षा विभाग ने सभी प्रतिनियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लेते हुए बाहरी राज्यों और अन्य विभागों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों को वापस स्कूलों में बुलाने का फैसला लिया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त शिक्षकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। जिन संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं,वहां के प्रमुखों को पत्र लिख शिक्षकों को पदभार मुक्त करने को कहा जाएगा ।
