Himachal Pradesh : हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के छोटे से गांव चांगो की 28 वर्षीय छोंजिन अंगमो ने वो कर दिखाया जो दुनिया के लिए एक चमत्कार से कम नहीं है । छोंजिन अंगमो, एक दृष्टिहीन युवती, जिन्होंने वो कर दिखाया जो दुनिया भर के लाखों लोग केवल यह सपना ही देख पाते हैं । छोंजिन अंगमो ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर विश्व की पहली दृष्टिहीन महिला बनने का इतिहास रचा है ।

Himachal Pradesh किन्नौर जिले की दृष्टिहीन बेटी ने सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर लहराया तिरंगा
हिमाचल प्रदेश में किन्नौर जिले के दुर्गम क्षेत्र चांगों गांव की 28 वर्षीय छोंजिन अंगमो ने माउंट एवरेस्ट को फतह कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वो विश्व की पहली दृष्टिहीन महिला बन गई हैं जिन्होंने इस अविश्वसनीय उपलब्धि को हासिल किया है । मन की आंखों से माउंट एवरेस्ट तक अपनी राह बनाने वाली छोजिन आंगमों ने बताया कि उनका माउंट एवेरस्ट में चढ़ने का सपना था। आठ साल की उम्र में एक दवा से एलर्जी के कारण उनकी आंखों की रोशनी प्रभावित हो गई। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी । इस सपने को पूरा करने के लिए कई लोगों से सहयोग मांगा, लेकिन किसी ने भी सहयोग नहीं दिया। लेकिन यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से आज वह कामयाब हुई है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया को स्पॉन्सरशिप के लिए आभार प्रकट किया है,जिनकी प्रेरणा और सहयोग से वो इस मुकाम तक पहुंची हैं । वर्तमान में आंगमों दिल्ली में यूनियन बैंक दिल्ली ऑफ इंडिया में ग्राहक सेवा सहयोगी के पद पर तैनात हैं। उन्होंने 2016 में अटल बिहारी वाजपेयी संस्थान से पर्वतारोहण का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार भी मिला । छोंजिन के फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने इतिहास में दिल्ली यूनिवर्सिटी से एमए किया है और स्कूली पढ़ाई चंडीगढ़ से पूरी की है । 2024 में उन्हें राष्ट्रपति ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए सम्मानित किया ।

सीएम सुक्खू व गांव वालों ने दी बधाई
छोंजिन अंगमो की इस उपलब्धि पर उनका परिवार,गांव और पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है । पूरे परिवार के साथ साथ गांव के लोगों ने उनकी मेहनत और लगन की सराहना की है और उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है । छोंजिन अंगमो ने बताया कि उनका सपना था कि ‘एक दिन माउंट एवरेस्ट को फतह करें । अपनी दृष्टिहीनता को कभी अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया और अपनी मेहनत और लगन से इस उपलब्धि को हासिल किया है । सीएम सुक्खू ने भी उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है ।
